। कहा से लिखना सुरु करू कहा तक लिखूं, आज कुछ भी लिखना बाकी ह, नही दो चार लाइन कहि की कहि भी चुरा लेने से अपने आप को लेखक कहना कहा तक जायज है, आज आधुनिक युग मे शायद कोई भी लेखक शायद सही लिखने की कोशिश भी